Lohit Mandal / Sun, Aug 31, 2025 / Post views : 1362
अमित कुमार अग्रवाल की दर न्यूनतम पाई गई, जिसके आधार पर ठेका उन्हें मिलना तय था।लेकिन निविदा खुलने के बाद नगर पालिका ने उसे निरस्त कर दिया।
इस पर ठेकेदार अमित अग्रवाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पालिका ने अपने चहेते ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से नियमों के विपरीत निविदा निरस्त कर दी और उन्हें सूचना दिए बिना ही पुनः द्वितीय निविदा आमंत्रित कर ली।अब यह पूरा विवाद हाईकोर्ट की चौखट तक पहुँच गया हैविज्ञापन
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