Lohit Mandal / Sat, Jul 13, 2024 / Post views : 1074
ऐसा ही एक मामला ढेलसारा में देखने को मिला है। जहां शिवलाल नाम के किसान ने एक फर्म से धान तो खरीद लिया किंतु तीन दिन तक पानी में भिगोने के बाद भी उसमें जर्मिनेशन तक नहीं आया । उसने जब दुकानदार को यह बात बताई और वापस करना चाहा तो उसने दो टुक जवाब दे दिया की धान वापस नहीं होगा। इसकी कोई गारंटी नहीं है । और डांट कर भगा दिया।
अंततः ठगा हुआ किसान कोई उपाय न देख एसडीएम की शरण में जा पहुंचा। और उसने पूरे धान के पैकेट सहित एसडीएम को दिखाते हुए इसकी शिकायत दर्ज कराई है ।
अब देखना यह है कि इस पर अनुविभागीय अधिकारी सीतापुर के द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है।
ढेलसरा के किसान शिवलाल ने बताया कि एक सप्ताह पहले वह बाबा कृषि केंद्र सीतापुर से हाईब्रिड धान श्रीकर 369 गोल्ड तीन पैकेट तीन हजार रुपए में खरीद कर घर ले गया था। और जर्मिनेशन के लिए पानी में भिगो दिया था। किन्तु तीन दिन बाद जरिया आने बजाय उसमें से दुर्गंध आने लगा।
किसान ने दुकानदार को यह बात बताई तो दुकानदार उसकी कोई बात सुनने के लिए तैयार नहीं हुआ और इसकी कोई गारंटी नहीं है कहते हुए डांट कर भगा दिया।
अंततः उसे अनुविभागीय अधिकारी की शरण में जाना पड़ा।
अनुविभागीय अधिकारी ने जांच कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।
आगे क्या कार्यवाही होती है यह तो समय ही बताएगा लेकिन एक सवाल उसके भविष्य पर खतरनाक प्रश्न चिन्ह बनकर जरूर खड़ा हो गया है और वह ये कि गरीब किसान पुनः खेत में बोने हेतु धान खरीदने के लिए इतनी मोटी रकम फिर कहां से जुटाएगा ?विज्ञापन
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